यूपी में NHM संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन तेज, 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना समान कार्य-समान वेतन, नियमितीकरण और कैशलेस चिकित्सा की मांग; कई जिलों में कार्य बहिष्कार के बाद राजधानी कूच की तैयारी
लखनऊ/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन तेज हो गया है। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की है। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वाराणसी, मुरादाबाद, शाहजहांपुर सहित कई जिलों में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। मुरादाबाद में कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग उठाई।
नियमितीकरण और समान वेतन प्रमुख मांगें
आंदोलनरत कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य-समान वेतन लागू करना, लंबे समय से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, वेतन वृद्धि तथा कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारी अन्य सेवा संबंधी सुविधाओं की भी मांग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से कुछ जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में आंदोलन लंबा खिंचने पर मरीजों को जांच, उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं की स्थिति जिले और स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
12 अक्टूबर से लखनऊ में आंदोलन की तैयारी
कर्मचारी संगठनों ने मांगों पर ठोस निर्णय और सार्थक वार्ता नहीं होने की स्थिति में 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है। अब कर्मचारियों की निगाहें सरकार के रुख और मांगों के समाधान के लिए होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं।
(साभार: विभिन्न मीडिया रिपोर्टें)