जौनपुर: अस्पताल में करंट से मौत के मामले में 5.25 लाख की क्षतिपूर्ति


जौनपुर: जौनपुर शहर के एक निजी अस्पताल में करंट लगने से महिला की मौत के मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। लापरवाही के आरोप में दो डॉक्टरों और एक मैनेजर ने 5.25 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति जमा की है।
यह मामला शहर के ट्यूलिप हार्ट एंड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से जुड़ा है, जहां वाटर कूलर से पानी लेने के दौरान महिला की करंट लगने से मौत हो गई थी।
क्या है पूरा मामला
शाहगंज के सुइथाकला निवासी प्रदीप कुमार गौड़ ने अपनी पत्नी गुड़िया की मौत के बाद दीवानी न्यायालय की स्थाई लोक अदालत में परिवाद दाखिल किया था। बताया गया कि 28 सितंबर 2025 से 1 अक्टूबर 2025 तक उनकी मां का इलाज अस्पताल में चल रहा था, जबकि उनकी पत्नी गुड़िया देखभाल कर रही थीं।
30 सितंबर 2025 की सुबह करीब 10:30 बजे जब गुड़िया पानी लेने के लिए वाटर कूलर के पास गईं, तो उसमें करंट आने से वह गिर पड़ीं। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल समुचित इलाज करने के बजाय उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कोर्ट में समझौता, चेक के जरिए भुगतान
मामले में मृतका के पति ने अस्पताल के डॉक्टरों और मैनेजर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद मामला स्थाई लोक अदालत पहुंचा।
सुनवाई के दौरान आरोपित पक्ष 5.25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने पर सहमत हुआ, जिसके बाद यह राशि चेक के माध्यम से मृतका के पति को प्रदान की गई।
लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों/तीमारदारों की देखरेख को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे संस्थान, जहां गंभीर बीमारियों का इलाज होता है, वहां इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं।

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