रूस-चीन का बड़ा फैसला, अब आपसी व्यापार में नहीं होगा डॉलर का इस्तेमाल

मॉस्को/बीजिंग। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाले कदम के तहत रूस और चीन ने घोषणा की है कि वे अब अपने द्विपक्षीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर का उपयोग नहीं करेंगे। इसके बजाय दोनों देश अपनी-अपनी मुद्राओं में लेन-देन करेंगे।
इस फैसले का उद्देश्य डॉलर पर निर्भरता कम करना और आर्थिक संप्रभुता को मजबूत करना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम वैश्विक स्तर पर “डी-डॉलराइजेशन” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस निर्णय का असर आने वाले समय में वैश्विक व्यापार, मुद्रा बाजार और भू-राजनीतिक संतुलन पर पड़ सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की पकड़ कमजोर होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि वैकल्पिक मुद्राओं की भूमिका बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अन्य देश भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।