KFD NEWS (विशेष रिपोर्ट) 👉 यूपी में नई तबादला नीति तैयार, कर्मचारियों को बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तबादलों को लेकर हमेशा रहने वाले दबाव, सिफारिश और भ्रष्टाचार की शिकायतों के बीच Yogi Adityanath सरकार नई तबादला नीति लाने की तैयारी में है। इस नीति को इसी महीने कैबिनेट में पेश किए जाने की संभावना है और जल्द ही इसके लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नई नीति का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच तबादले को लेकर होने वाले भय और असमंजस को खत्म करना है।
🔹 क्या होंगे बड़े बदलाव?
सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को एक ही जिले में तैनाती दी जाएगी या उनके विकल्प के आधार पर पोस्टिंग होगी।
जिन कर्मचारियों के बच्चे गंभीर दिव्यांग हैं, उन्हें मनचाही पोस्टिंग का विकल्प मिलेगा।
40% से अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों के तबादले नहीं किए जाएंगे।
अन्य दिव्यांग कर्मचारियों को भी उनकी सुविधा के अनुसार पोस्टिंग का विकल्प दिया जाएगा।
🔹 अधिकारियों के लिए सख्त नियम
समूह ‘क’ (Group A) के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं मिलेगी।
यदि पद मंडल स्तर का है, तो गृह मंडल में भी पोस्टिंग नहीं दी जाएगी।
जिन कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध है, उन्हें संवेदनशील पदों से दूर रखा जाएगा।
🔹 क्यों जरूरी थी नई नीति?
यूपी में तबादलों को लेकर लंबे समय से सियासी दबाव, सिफारिश और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। नई नीति के जरिए सरकार पारदर्शिता बढ़ाने और सिस्टम को व्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है।
👉 क्या बदलेगा सिस्टम?
अगर यह नीति लागू होती है, तो तबादलों में मनमानी पर रोक लगेगी और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।