10 लाख से अधिक आय वालों को नहीं मिलेगी LPG सब्सिडी, जुलाई 2026 से लागू होंगे नए नियम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें अब रसोई गैस (LPG) पर सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश पर तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं का सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum उपभोक्ताओं की आय का सत्यापन कर रही हैं। इसके लिए आयकर विभाग के आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है, साथ ही गैस एजेंसियों के माध्यम से ग्राहकों से स्व-घोषणा पत्र भी भरवाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया अगले दो माह में पूरी कर ली जाएगी और जुलाई 2026 से नए नियम पूरी तरह प्रभावी हो जाएंगे। जिन उपभोक्ताओं की आय निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाएगी, उनके बैंक खातों में सब्सिडी की राशि भेजना स्वतः बंद कर दिया जाएगा।
सरकार ने एक बार फिर सक्षम वर्ग से ‘गिव इट अप’ अभियान के तहत स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने की अपील की है। सब्सिडी छोड़ने वाले उपभोक्ताओं को ‘ऊर्जा दाता’ प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। उपभोक्ता mylpg पोर्टल� या अपनी गैस एजेंसी के माध्यम से सब्सिडी सरेंडर कर सकते हैं।
देश में वर्तमान समय में 31 करोड़ से अधिक सक्रिय एलपीजी कनेक्शन हैं, जिनमें उज्ज्वला योजना के 10.3 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। सरकार का अनुमान है कि नए प्रावधान के बाद लगभग 70 लाख संपन्न परिवार सब्सिडी के दायरे से बाहर हो जाएंगे।
पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि सब्सिडी का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत देना है। संपन्न उपभोक्ताओं द्वारा सब्सिडी छोड़ने से बचाई गई राशि का उपयोग उज्ज्वला योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा।