मऊ के तत्कालीन टाइपिस्ट पर विजिलेंस का शिकंजा, 17 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा

मऊ। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय मऊ में तैनात रहे तत्कालीन टाइपिस्ट गगन कुमार सिंह के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी में 17 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी की वैध आय अब तक करीब एक करोड़ रुपये ही आंकी गई थी, जबकि उसके पास इससे कई गुना अधिक संपत्ति पाई गई।
Uttar Pradesh Vigilance Establishment की कार्रवाई के दौरान चार मकानों, एक ईंट भट्ठे और 44 संपत्तियों से जुड़े बैनामों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले में अभी जांच जारी है और आगे भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बताया गया कि शासन के निर्देश पर की गई प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के स्पष्ट संकेत मिले थे। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई, जिसे शासन ने मंजूरी दे दी।
कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद गोरखपुर सेक्टर की विजिलेंस टीम ने गुरुवार को बिहार और झारखंड स्थित विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। करीब 24 सदस्यों की चार टीमों ने आठ स्वतंत्र गवाहों और एक जूलरी वैल्युअर की मौजूदगी में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कार्रवाई की।
सबसे पहले टीम ने बिहार के बांका जिले स्थित गुलनी कुशहा गांव में आरोपी के पैतृक आवास की तलाशी ली। वहां से करीब 4.40 लाख रुपये मूल्य का फर्नीचर, कंप्यूटर, एक बाइक, बैंक पासबुक और चेकबुक सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।
जांच एजेंसियों का मानना है कि बरामद दस्तावेजों से आरोपी की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों के नेटवर्क का और बड़ा खुलासा हो सकता है।