चुनावी झटके के बाद TMC का बड़ा संगठनात्मक फैसला, सभी समितियां भंग

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सभी संगठनात्मक समितियों और पार्टी से जुड़े विभिन्न संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस हर स्तर पर आत्म-निरीक्षण, कार्य-निष्पादन समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन की व्यापक प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसी के तहत पुराने संगठनात्मक ढांचे को भंग कर नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया चुनावी झटकों के बाद पार्टी नेतृत्व संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के उद्देश्य से यह कदम उठा रहा है। वहीं विपक्ष इस फैसले को पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और अंदरूनी खींचतान का परिणाम बता रहा है।
हाल के दिनों में पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मतभेदों की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में सभी समितियों को भंग करने का निर्णय संगठन में अनुशासन और एकजुटता स्थापित करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तृणमूल कांग्रेस नई समितियों और संगठनात्मक ढांचे का गठन किस प्रकार करती है और इसका पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर क्या असर पड़ता है।
क्रांति फाउंडेशन दूत डेस्क