बिजली बिल में 50% तक बचत, पर्यावरण संरक्षण के साथ सरकारी खर्च में कमी

वाराणसी, 7 अगस्त। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बंदी सुधार गृहों को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में वाराणसी स्थित सेंट्रल जेल में 330 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगी, बल्कि सरकारी खर्च में भी उल्लेखनीय कमी लाएगी।
जेल अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा के अनुसार, इस सोलर प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1,400 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इससे प्रतिवर्ष करीब 14.60 लाख रुपये की बचत होने का अनुमान है। प्लांट के पूरी तरह चालू होने के बाद जेल के बिजली बिल में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आएगी।
निर्बाध बिजली से बढ़ेगी सुरक्षा
यह परियोजना सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद अहम मानी जा रही है। अक्सर बिजली कटौती के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है, लेकिन सौर ऊर्जा के माध्यम से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होने से इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। बैरकों, प्रशासनिक कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार बिजली उपलब्ध रह सकेगी।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सोलर प्लांट के जरिए जेल को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इससे न केवल कैदियों और जेल कर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर ‘स्वच्छ ऊर्जा-स्वस्थ भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
योगी सरकार की यह ‘ग्रीन पहल’ प्रदेश के अन्य बंदी गृहों के लिए भी एक उदाहरण साबित हो सकती है।