मुख्तार अंसारी से मुक्त कराई गई जमीन पर बने फ्लैटों को खाली करने का नोटिस, विभागों के समन्वय पर उठे सवाल

लखनऊ/मऊ। उत्तर प्रदेश में भूमि स्वामित्व और सरकारी विभागों के बीच समन्वय को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी से मुक्त कराई गई जमीन पर राज्य सरकार द्वारा आवासीय फ्लैटों का निर्माण कराया गया था और इनमें से कई फ्लैट पात्र लोगों को आवंटित भी किए जा चुके हैं।
हालांकि अब सिंचाई विभाग ने संबंधित फ्लैटों को अपनी भूमि पर बना बताते हुए उन्हें अवैध कब्जा घोषित किया है। विभाग की ओर से जारी नोटिस में फ्लैट धारकों को परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले के सामने आने के बाद आवंटियों में चिंता बढ़ गई है। वहीं सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी तथा भूमि के वास्तविक स्वामित्व को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि भूमि को लेकर विवाद था तो निर्माण और आवंटन से पहले इसकी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए थी।
फिलहाल इस प्रकरण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। संबंधित विभागों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है ताकि फ्लैट आवंटियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
यदि यह किसी विशेष जिले या परियोजना से जुड़ा मामला है, तो उसका नाम जोड़कर खबर को और अधिक सटीक बनाया जा सकता है।