एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर


जौनपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अंतर्गत आयोजित योग सप्ताह के चौथे दिन लोहिया पार्क में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासन की मंशानुरूप जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के निर्धारित प्रोटोकॉल का पूर्वाभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा अधिकारी ने योग को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि योग स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संयोजन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी द्वारा किया गया। ‘‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’’ विषय पर मुख्य वक्ता डॉ. सुशील अग्रहरि ने एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि संक्रमित व्यक्तियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है।
डॉ. अग्रहरि ने बताया कि साथ रहने, भोजन करने अथवा सामान्य संपर्क से एचआईवी संक्रमण नहीं फैलता है। उन्होंने कहा कि संतुलित जीवनशैली, पौष्टिक आहार, नियमित योग, ध्यान, प्राणायाम तथा चिकित्सकीय परामर्श एवं एआरटी उपचार के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने मत्स्यासन, सिंहासन, ताड़ासन, वक्रासन, सूर्य नमस्कार, ध्यान एवं प्राणायाम के लाभों की भी जानकारी दी।
पतंजलि योग समिति उत्तर प्रदेश के सह राज्य प्रभारी अचल हरीमूर्ति एवं मुख्य योग शिक्षक अरविंद कुमार ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं और प्राणायामों का अभ्यास कराया। इस दौरान भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी तथा उद्गीथ प्राणायाम के साथ ध्यान का अभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम में सूर्य नमस्कार के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह विभिन्न योगासनों का समन्वित समूह है, जिसके नियमित अभ्यास से शरीर के सभी तंत्र सुदृढ़ होते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि सूर्य नमस्कार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, रक्त संचार को संतुलित रखने तथा शरीर में प्राणवायु के प्रवाह को बेहतर बनाने में सहायक है। उन्होंने सभी लोगों से अपनी क्षमता एवं स्वास्थ्य के अनुरूप नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने की अपील की।

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