20 वर्ष पुराने खाद्यान्न घोटाले में बड़ी कार्रवाई, ईओडब्ल्यू ने कोटेदार को जौनपुर से किया गिरफ्तार


जौनपुर। वर्ष 2004-05 में केंद्र एवं राज्य सरकार की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत हुए चर्चित खाद्यान्न घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू), वाराणसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कोटेदार को गिरफ्तार किया है।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, विकासखंड रामनगर के विभिन्न गांवों में क्षेत्र पंचायत मद से नाली निर्माण, संपर्क मार्ग एवं मिट्टी भराई जैसे कार्य कराए जाने थे। योजना के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) वितरित किया जाना था, लेकिन आरोप है कि तत्कालीन खंड विकास अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख, कार्य प्रभारी तथा कोटेदार सहित अन्य संबंधित लोगों ने वित्तीय अनियमितता करते हुए मजदूरों को खाद्यान्न वितरित नहीं किया और सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया।
इस मामले में वर्ष 2020 में ईओडब्ल्यू थाना, वाराणसी में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के क्रम में 26 जून 2026 को ईओडब्ल्यू की टीम ने जौनपुर के रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दामोदरा निवासी कोटेदार वीरेन्द्र बहादुर सिंह पुत्र द्वारिका प्रसाद सिंह को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी को वाराणसी स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
ईओडब्ल्यू वाराणसी के पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार द्वारा गठित टीम में निरीक्षक सहजानंद श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक संजय सोनकर, मुख्य आरक्षी विनोद यादव एवं सतीश गुप्ता सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर कूटरचित अभिलेखों के आधार पर धोखाधड़ी करते हुए लाखों रुपये के शासकीय धन का गबन किया। मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच जारी है।

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