E20 के विकल्प में शुद्ध पेट्रोल नहीं मिलेगा, केंद्र ने मांग ठुकराई

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में E20 पेट्रोल के साथ शुद्ध पेट्रोल या कम एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन की समानांतर उपलब्धता की मांग को खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग ग्रेड—शुद्ध पेट्रोल, E10 और E20—की एक साथ आपूर्ति करना व्यावहारिक नहीं है।
मंत्रालय के अनुसार, ऐसा करने से लॉजिस्टिक्स लागत में भारी वृद्धि होगी और एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों पर वितरण प्रणाली अत्यधिक जटिल हो जाएगी। सरकार ने यह भी दावा किया कि E20 पेट्रोल का ऑक्टेन स्तर अधिक होता है, जिससे इंजन की कार्यक्षमता, पिकअप और दहन प्रक्रिया बेहतर होती है।
कीमतों को लेकर सरकार का कहना है कि वर्तमान में एथेनॉल की खरीद लगभग 72 रुपये प्रति लीटर की दर से की जा रही है, जिसके कारण E20 पेट्रोल फिलहाल शुद्ध पेट्रोल से सस्ता नहीं है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल अपेक्षाकृत किफायती साबित हो सकता है।
पुराने और गैर-E20 प्रमाणित वाहनों को संभावित नुकसान की आशंकाओं पर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अब तक बड़े पैमाने पर इंजन या फ्यूल लाइन खराब होने की शिकायतें सामने नहीं आई हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 से देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को मानक ईंधन के रूप में लागू किया जा चुका है।