मोहन भागवत का बयान: “हिंदू 4 प्रकार के होते हैं”
नई दिल्ली। Mohan Bhagwat ने एक कार्यक्रम के दौरान हिंदू समाज को चार श्रेणियों में विभाजित करते हुए बयान दिया। उनके अनुसार—
एक वह, जो गर्व से खुद को हिंदू कहता है
दूसरा वह, जो खुद को हिंदू कहता है
तीसरा वह, जो चुपचाप खुद को हिंदू मानता है
चौथा वह, जो यह भूल चुका है कि वह हिंदू है
संघ प्रमुख का यह बयान सामाजिक पहचान और जागरूकता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टिप्पणी समाज में पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और आत्मबोध पर एक विचार प्रस्तुत करती है, जिस पर बहस जारी है।