सिविल विवादों में पुलिस दखल नहीं दे सकती, इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन एवं संपत्ति संबंधी सिविल विवादों में पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में पुलिस अथवा प्रशासनिक अधिकारी न्यायाधीश की भूमिका नहीं निभा सकते। अदालत ने दो टूक कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी पक्ष को कब्जा दिलाना या बेदखल कराना।
न्यायालय ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के मालिकाना हक का निर्णय केवल सक्षम सिविल न्यायालय ही कर सकता है। न्यायालय के आदेश के बिना किसी को उसकी संपत्ति से बेदखल करना कानून के विरुद्ध है। अदालत ने जिलाधिकारी (DM), उप जिलाधिकारी (SDM) तथा पुलिस अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं का सख्ती से पालन करने की नसीहत दी।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सिविल विवादों में हस्तक्षेप करता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही न्यायालय ने पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा जारी सर्कुलर एवं शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को सिविल विवादों में पुलिस की भूमिका को स्पष्ट करने वाला अहम निर्देश माना जा रहा है। अदालत ने कहा कि कानून के शासन में प्रत्येक अधिकारी को अपने निर्धारित अधिकार क्षेत्र के भीतर रहकर ही कार्य करना होगा।