डिजिटल दौर में पत्रकारिता के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी: बृजेश सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और नई चुनौतियों को लेकर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाग के पूर्व विद्यार्थी, इंडिया वॉइस चैनल के पूर्व प्रमुख एवं लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार बृजेश सिंह ने विद्यार्थियों को डिजिटल पत्रकारिता के लिए तकनीकी दक्षता, प्रभावी लेखन, बोलने और कैमरे के सामने प्रस्तुति देने के गुर बताए।
बृजेश सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले पत्रकारिता मुख्य रूप से अखबार और टेलीविजन तक सीमित थी, लेकिन डिजिटल मीडिया के विस्तार ने नए अवसर पैदा किए हैं। आज मीडिया संस्थानों में ऐसे युवाओं की मांग है, जो लेखन और रिपोर्टिंग के साथ वीडियो निर्माण, कैमरा फेसिंग तथा डिजिटल कंटेंट तैयार करने में भी दक्ष हों।
उन्होंने विद्यार्थियों को मल्टी-स्किल प्रोफेशनल बनने की सलाह देते हुए कहा कि बोलना आसान है, लेकिन प्रभावी ढंग से लिखना कठिन है। अच्छे लेखन के लिए निरंतर अभ्यास जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने लिखे कंटेंट को बार-बार पढ़कर उसमें सुधार और संपादन करना चाहिए।
इसके बाद ऑडियो-विजुअल स्टूडियो में विद्यार्थियों को इंटरव्यू लेने और कैमरे के सामने प्रस्तुति देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। बृजेश सिंह ने सवाल पूछने की तकनीक, बॉडी लैंग्वेज और कैमरे के सामने आत्मविश्वास के साथ सहज रहने के तरीके समझाए।
जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने भी विद्यार्थियों को टेलीविजन इंटरव्यू की तकनीक बताई। उन्होंने कहा कि पत्रकार को सवाल इस तरह पूछने चाहिए कि साक्षात्कार महज सवाल-जवाब तक सीमित न रहकर सहज संवाद का रूप ले सके।
वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल मीडिया में बेहतर कंटेंट तैयार करने और उसकी प्रभावी प्रस्तुति की क्षमता रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार और पहचान के व्यापक अवसर हैं। विद्यार्थियों को बदलती तकनीक को चुनौती के बजाय अवसर के रूप में देखना चाहिए।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने वरिष्ठ पत्रकार बृजेश सिंह को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया, जबकि संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डॉ. चन्दन सिंह, डॉ. अमित मिश्र, आनंद सिंह, पंकज सिंह सहित विभाग के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।