एसपी के दावों के बावजूद कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद
गोंडा। पुलिस की कार्रवाई और अधिकारियों के दावों के बावजूद कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद का कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरने पर बैठना चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के बाद भी मंत्री ने अपना विरोध जारी रखा।
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक की ओर से कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आने के बावजूद मंत्री का धरने पर बैठना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। मंत्री का कहना है कि जब तक उनकी मांगों और संबंधित मामले में अपेक्षित न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डॉ. संजय निषाद प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और अपनी ही सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर धरने पर बैठना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि यदि सरकार के मंत्री को भी अपनी मांगों के लिए धरने का रास्ता अपनाना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की शिकायतों और न्याय की उम्मीदों को लेकर व्यवस्था की स्थिति क्या होगी।
वहीं, सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे अपने समाज और समर्थकों के हितों के लिए मंत्री की सक्रियता बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सरकार और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के रूप में देख रहे हैं।