सरकारी मदद के बदले बेटी भेजने की कथित मांग का आरोप, लेखपाल पर गंभीर सवाल

रायबरेली के लालगंज तहसील क्षेत्र का मामला, शिकायत के बाद जांच शुरू; एसडीएम की भूमिका पर भी उठे सवाल
रायबरेली। लालगंज तहसील क्षेत्र से सरकारी सहायता दिलाने के बदले एक गरीब परिवार से उसकी बेटी को भेजने की कथित मांग किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप क्षेत्रीय लेखपाल पर लगाया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि अभी जांच के स्तर पर नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि मामला सरेनी क्षेत्र के मलके गांव से जुड़ा है। महिला का आरोप है कि उसका कच्चा मकान गिर गया था और सरकारी सहायता अथवा मुआवजा दिलाने के लिए राजस्व विभाग की रिपोर्ट की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में उसने क्षेत्रीय लेखपाल दिनेश कुमार सविता से संपर्क किया।
महिला के मुताबिक, रिपोर्ट लगाने के एवज में उससे रुपये की मांग की गई। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण जब वह रुपये देने में असमर्थता जताने लगी तो आरोप है कि लेखपाल ने कथित तौर पर उसकी बेटी को अपने पास भेजने की आपत्तिजनक बात कही। आरोप सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
एसडीएम के सामने शिकायत का भी दावा
पीड़ित परिवार की ओर से मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का दावा किया गया है। शिकायत के दौरान एसडीएम की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। महिला का कहना है कि जब वह अपनी शिकायत लेकर एसडीएम के पास पहुंची तो मामले को गंभीरता से लेने के बजाय कथित रूप से हंसकर प्रतिक्रिया दी गई।
इन आरोपों के सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, एसडीएम पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद बढ़ा दबाव
मामले से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। कांग्रेस की ओर से पीड़ित परिवार से संबंधित वीडियो एक्स पर साझा कर सरकार से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई।
जांच के आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद लालगंज क्षेत्राधिकारी सुजीत राय को जांच सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि अधिकारियों के निर्देश पर सीओ पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।
जांच रिपोर्ट को लेकर सामने आया विरोधाभास
मामले में सामने आई अलग-अलग रिपोर्टों के कारण स्थिति फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। 11 सितंबर 2026 की टीवी9 भारतवर्ष की रिपोर्ट में एसडीएम स्तर पर कराई गई प्रशासनिक जांच में महिला के आरोपों को निराधार बताया गया है। वहीं, हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में लालगंज सीओ को जांच सौंपे जाने और जांच जारी होने की बात सामने आई है।
ऐसे में लेखपाल या किसी अन्य अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को फिलहाल सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, आरोपों की पुष्टि नहीं होने की स्थिति में प्रशासनिक जांच में सामने आए निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।