UPI पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने का दावा वायरल, आधिकारिक पुष्टि जरूरी ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर ₹300 तक शुल्क की बात कही जा रही, लेकिन NPCI के मौजूदा आधिकारिक रिकॉर्ड में नए नियम की पुष्टि नहीं
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर UPI को लेकर एक संदेश तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ₹2,000 से अधिक के व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत तक MDR (Merchant Discount Rate) लगाया जाएगा और इसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। संदेश में यह भी दावा किया गया है कि व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P लेनदेन पहले की तरह निःशुल्क रहेगा।
हालांकि, इन दावों को लेकर फिलहाल सावधानी बरतने की जरूरत है। NPCI की मौजूदा आधिकारिक UPI सर्कुलर सूची में 2026 के लिए ऐसा कोई नया आदेश नजर नहीं आता, जिसमें ₹2,000 से अधिक के सामान्य UPI व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR और ₹300 की अधिकतम सीमा लागू करने की घोषणा की गई हो।
NPCI के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार UPI के लेनदेन लगातार बढ़ रहे हैं। अगस्त 2026 में UPI पर 24,508.96 मिलियन लेनदेन दर्ज किए गए, जिनका कुल मूल्य करीब ₹29.82 लाख करोड़ रहा।
NPCI के दस्तावेजों में कुछ विशेष श्रेणियों के लेनदेन के लिए अलग-अलग सीमाएं और नियम जरूर निर्धारित किए गए हैं। उदाहरण के लिए, कुछ सत्यापित व्यापारियों के लिए अधिक लेनदेन सीमा बढ़ाई गई है, जबकि P2P लेनदेन की सीमा मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार जारी रहने की बात कही गई है।
ऐसे में ₹2,000 की सीमा, 0.4 प्रतिशत MDR और अधिकतम ₹300 शुल्क से संबंधित वायरल दावे को आधिकारिक अधिसूचना सामने आने तक अपुष्ट दावा मानना उचित होगा। UPI से जुड़े शुल्क या नियमों में किसी बदलाव की जानकारी के लिए NPCI, RBI या संबंधित सरकारी अधिसूचना को आधार बनाना चाहिए।