चार बेटों में बंट गए 75 साल के पिता और 70 साल की मां

सिकंदराबाद में पारिवारिक विवाद का मामला, पुलिस की काउंसलिंग के बाद पत्नी के गुजारे के लिए हर महीने ₹5 हजार देने पर बनी सहमति
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद से पारिवारिक रिश्तों को लेकर एक मामला सामने आया है। यहां चार बेटों के बीच 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता और 70 वर्षीय मां अलग-अलग रहने लगे। मामला पुलिस की महिला सेल तक पहुंचा, जहां काउंसलिंग के बाद बुजुर्ग पति ने पत्नी के गुजारे के लिए हर महीने ₹5 हजार देने पर सहमति जताई।
बताया गया कि पति-पत्नी के बीच इस बात को लेकर मतभेद था कि वे किस बेटे के साथ रहें। पिता जिन बेटों के साथ रहना चाहते थे, मां उनके साथ रहने को तैयार नहीं थीं। वहीं मां जिन बेटों के साथ रहना चाहती थीं, पिता उनके साथ रहने के इच्छुक नहीं थे। इसके बाद परिवार में ऐसा बंटवारा हुआ कि दो बेटे पिता के साथ और दो बेटे मां के साथ रहने लगे।
समय के साथ पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ती गई और विवाद कई बार थाने तक पहुंचा। इसी बीच सत्यवती की तबीयत खराब होने लगी। उनके साथ रहने वाले दोनों बेटों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज और रोजमर्रा के खर्च को लेकर परेशानी सामने आई। इसके बाद उन्होंने अपने पति से गुजारे के लिए आर्थिक मदद मांगी।
मामला पुलिस के मीडिया सेल तक पहुंचने के बाद महिला सेल में पति-पत्नी की काउंसलिंग कराई गई। प्रभारी अलका चौधरी और काउंसलर्स ने दोनों को साथ रहने के लिए समझाने का प्रयास किया। चारों बेटों से भी बातचीत की गई, लेकिन लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण पति-पत्नी एक साथ रहने के लिए तैयार नहीं हुए।
इसके बाद पुलिस की मध्यस्थता से आर्थिक सहायता को लेकर सहमति बनी। बुजुर्ग पति ने पत्नी को हर महीने ₹5 हजार गुजारा भत्ता देने पर सहमति जताई। उस समय महीने के 15 दिन बीत चुके थे, इसलिए 15 दिन के खर्च के लिए ₹2700 तत्काल दिए गए। अगले महीने से हर महीने ₹5 हजार देने पर सहमति बनी।
पुलिस की कोशिश से पति-पत्नी को एक साथ लाने में सफलता नहीं मिली, लेकिन पत्नी के इलाज और दैनिक खर्च के लिए आर्थिक सहायता का रास्ता जरूर निकल आया।
यह मामला 2003 में रिलीज हुई फिल्म ‘बागबान’ की याद दिलाता है, जिसमें बुजुर्ग माता-पिता और उनके चार बेटों के बीच रिश्तों की कहानी दिखाई गई थी। हालांकि सिकंदराबाद का यह मामला फिल्म की कहानी से अलग है, लेकिन बुढ़ापे में पति-पत्नी का अलग-अलग रहना और परिवार के बीच उनका बंट जाना पारिवारिक रिश्तों को लेकर कई सवाल जरूर खड़े करता है।