बंगाल की खाड़ी का असर : गंगासागर की हवाओं से लहराई काशी अनंत चतुर्दशी पर बदला मौसम का मिजाज, गंगा की लहरों में दिखी प्रकृति की अठखेलियां
वाराणसी। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव का असर अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी दिखाई देने लगा है। गंगासागर की ओर से आ रही तेज हवाओं ने अनंत चतुर्दशी के दिन मौसम का मिजाज बदल दिया। हवाओं के झोंकों से गंगा की लहरें अठखेलियां करती नजर आईं तो घाटों पर मांझियों की नावें भी लहरों के साथ डोलती रहीं।
काशी के मंदिरों की पताकाएं तेज हवाओं में लहराती रहीं। घाटों से लेकर गलियों तक मौसम में बदलाव का असर साफ महसूस किया गया। हवा में घुली हल्की ठंडक ने लोगों को उमस से राहत दी। वहीं, घरों से उठती पकवानों की सुगंध और मंदिरों से गूंजती घंटा-घड़ियाल की ध्वनि ने अनंत चतुर्दशी के पर्व पर काशी के वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया।
घाट किनारे बहती हवा में ठंडक और गंगा की उठती लहरों ने ऐसा दृश्य रचा, मानो प्रकृति स्वयं अनंत चतुर्दशी का उत्सव मना रही हो। मौसम के बदले मिजाज ने काशीवासियों के साथ घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच भी अलग तरह की ताजगी और उल्लास भर दिया।