चेक बाउंस मामले में दोषी को डेढ़ वर्ष की सजा, 10 लाख का जुर्माना

अयोध्या। चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को कारावास और भारी अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) प्रथम योगिता कुमार की अदालत ने मनोजधर को दोषी पाते हुए 1 वर्ष 6 माह के साधारण कारावास और 10 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला थाना कुमारगंज क्षेत्र से जुड़ा है। बाजार निवासी विनय कुमार गुप्ता ने अपने अधिवक्ता सतीश पांडेय के माध्यम से धारा 138 एनआई एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किया था।
परिवाद के अनुसार, वादी ने आरोपी मनोज धर दुबे (निवासी शिवनाथपुर, कुमारगंज) को प्लॉट खरीदने के लिए 6 लाख रुपये (आदित्य ट्रेडर्स के बैंक खाते में) दिए थे। आरोपी ने तय समय में प्लॉट रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया, लेकिन न तो प्लॉट दिया और न ही रकम लौटाई।
रुपये मांगने पर टालमटोल के बाद आरोपी ने 7 जनवरी 2019 को चेक दिया, जिसे वादी ने 17 जनवरी और 7 मार्च 2019 को बैंक में प्रस्तुत किया, लेकिन दोनों बार खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत ने 25 मार्च 2026 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से क्षतिपूर्ति वादी को दी जाएगी।