6 साल बाद बड़ा फैसला: जयराज-बेनिक्स कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी

तमिलनाडु के Thoothukudi (तूतीकोरिन) में हुए चर्चित जयराज-बेनिक्स कस्टोडियल डेथ केस में Madurai की जिला अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है।
यह मामला साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान हुई उस दर्दनाक घटना से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
⚖️ कोर्ट का सख्त रुख
अदालत ने इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में रखते हुए अधिकतम सजा दी।
कोर्ट ने कहा कि घटना का विवरण इतना भयावह है कि “इसे पढ़कर ही दिल कांप जाता है।”
👮 किन पुलिसकर्मियों को सजा?
फांसी की सजा पाने वालों में इंस्पेक्टर श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर बालकृष्णन और रघु गणेश सहित कुल 9 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
अदालत ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर मामला बताया।
🧾 CBI जांच में क्या सामने आया?
इस केस की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) ने की थी।
पीड़ितों को पुलिस स्टेशन में बेरहमी से पीटा गया
डंडों और अन्य वस्तुओं से अत्याचार किए गए
गवाहों और सबूतों ने आरोपों को मजबूत किया
CBI ने इसे “समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला अपराध” बताया।
📅 क्या था पूरा मामला?
19 जून 2020 को लॉकडाउन के दौरान दुकान खोलने के आरोप में गिरफ्तारी
पिता P Jayaraj और बेटे J Beniks को हिरासत में लिया गया
आरोप: पुलिस स्टेशन में रातभर बेरहमी से पिटाई
कुछ दिनों बाद दोनों की मौत
🔍 महिला कांस्टेबल की गवाही बनी अहम
एक महिला कांस्टेबल ने अदालत में बताया कि:
पूरी रात पिटाई हुई
पुलिस स्टेशन में खून के निशान थे
CCTV फुटेज उपलब्ध न होना भी जांच में बड़ा मुद्दा बना।
⏳ लंबी चली सुनवाई
5 साल से ज्यादा चला ट्रायल
100+ गवाहों के बयान दर्ज
सबूतों के आधार पर अदालत ने सजा सुनाई
🌍 देशभर में उठा था मुद्दा
इस घटना के बाद पूरे देश में पुलिस हिरासत में हिंसा को लेकर बहस छिड़ गई थी।
अब इस फैसले को कई लोग न्याय की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, हालांकि आगे उच्च अदालतों में अपील की संभावना बनी हुई है।

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