10 वर्षों से 2800 ग्रेड पे की मांग, पदोन्नति और भत्तों में बढ़ोतरी की भी उठी आवाज लेखपालों की लंबित मांगों को लेकर केराकत में प्रदर्शन, मांगें पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

oplus_6291458
oplus_10485762

केराकत, जौनपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की केराकत उपशाखा के पदाधिकारियों एवं लेखपालों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शनिवार को उपजिलाधिकारी केराकत को ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होगा।

लेखपाल संघ का कहना है कि राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों का दायित्व लेखपालों के कंधों पर है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी वेतन संबंधी विसंगतियां, पदोन्नति, स्थानांतरण, भत्ते, तकनीकी संसाधन और कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लंबित हैं। संघ ने इन सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किए जाने की मांग की है।

10 वर्षों से 2800 ग्रेड पे की मांग

संघ की प्रमुख मांगों में लेखपालों को प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे दिए जाने की मांग शामिल है। संघ के अनुसार यह मांग पिछले करीब 10 वर्षों से लंबित है। इसके साथ ही वेतन विसंगतियों को दूर कर लेखपालों को उनके कार्य एवं जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित वेतनमान उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

अंतरमंडलीय स्थानांतरण और पदोन्नति का मुद्दा

लेखपालों ने पिछले करीब आठ वर्षों से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण व्यवस्था को फिर से शुरू करने की मांग की। वहीं, पिछले दो वर्षों से लेखपालों की पदोन्नति सूची जारी नहीं होने पर भी संघ ने नाराजगी जताई। लेखपालों का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने से कर्मचारियों को अपने सेवाकाल में आगे बढ़ने का अवसर प्रभावित हो रहा है।

16 वर्षों से भत्तों में वृद्धि नहीं होने का आरोप

संघ ने कहा कि लेखपालों के विभिन्न भत्तों में पिछले करीब 16 वर्षों से अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है। वर्तमान परिस्थितियों और कार्यक्षेत्र में बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए भत्तों में उचित वृद्धि किए जाने की मांग की गई। लेखपालों ने परिसीमन के बाद भी विभिन्न पटलों से लेखपालों को न हटाए जाने तथा प्रभारी राजस्व निरीक्षकों को उनके अतिरिक्त कार्यों से अवमुक्त किए जाने की मांग भी उठाई।

तकनीकी कार्य बढ़े, लेकिन संसाधन नहीं मिले

लेखपालों ने तकनीकी कार्यों को लेकर भी अपनी समस्याएं ज्ञापन में प्रमुखता से रखीं। संघ के अनुसार पिछले करीब पांच वर्षों से उच्च तकनीकी कार्यों के निष्पादन के लिए आवश्यक लैपटॉप और मोबाइल उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। तकनीकी कार्यों का लगातार निष्पादन कराए जाने के बावजूद इसके लिए अलग से तकनीकी पद घोषित नहीं किए जाने पर भी संघ ने सवाल उठाया।

लेखपालों का कहना है कि राजस्व विभाग के कार्यों में लगातार ऑनलाइन एवं तकनीकी प्रक्रियाओं का विस्तार हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों को पर्याप्त तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि सरकारी योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों का समयबद्ध एवं सुचारु रूप से निष्पादन किया जा सके।

ग्राम सचिवालयों में सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था की मांग

संघ ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसके साथ ही कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संबंधित भत्तों में उचित बढ़ोतरी किए जाने की मांग की गई।

लेखपालों ने तहसीलवार परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने और स्थायीकरण से जुड़ी लंबित प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई। संघ के अनुसार पिछले एक वर्ष से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाने और स्थायीकरण की प्रक्रिया लंबित रहने से संबंधित लेखपालों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित किया है। संघ के अनुसार 3 अक्टूबर को तहसील दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन, 8 अक्टूबर को समस्त ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार तथा 10 अक्टूबर को थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा।

इसके बाद 12 अक्टूबर को तहसील एवं जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित कर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकालने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

संघ के आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

लेखपाल संघ ने प्रशासन और शासन से मांग की है कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेकर वार्ता के माध्यम से समाधान कराया जाए, ताकि राजस्व कार्य प्रभावित न हों और कर्मचारियों को भी उनकी लंबित सेवा संबंधी सुविधाएं मिल सकें।

ज्ञापन सौंपने वालों में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उपशाखा केराकत के तहसील अध्यक्ष त्रिभुवन यादव, तहसील मंत्री अंकित सिंह सहित संघ के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Verified by MonsterInsights