24 साल पुराने टकसाल सिनेमा कांड में बड़ा फैसला, सभी आरोपी बरी

वाराणसी:
बहुचर्चित 2002 के नदेसर शूटआउट (टकसाल सिनेमा कांड) में एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। इस फैसले से पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बड़ा झटका लगा है।
कोर्ट ने अभय सिंह, विनीत सिंह समेत कुल 6 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने 13 अप्रैल को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे बुधवार को सुनाया गया।
🔹 सुरक्षा के कड़े इंतजाम
फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मौके पर 2 आईपीएस, 3 एसीपी समेत 350 से अधिक पुलिसकर्मी और एक कंपनी पीएसी तैनात रही।
🔹 क्या था पूरा मामला?
4 अक्टूबर 2002 को धनंजय सिंह अपने काफिले के साथ वाराणसी से जौनपुर जा रहे थे। आरोप था कि नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके साथियों ने काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक समेत कई लोग घायल हुए थे।
घटना के बाद अभय सिंह, विनीत सिंह सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में कुछ आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया, लेकिन अगस्त 2025 में उन्हें उस केस में भी राहत मिल चुकी थी।
🔹 फैसले से पहले पूजा-अर्चना
फैसले से पहले मंगलवार रात धनंजय सिंह ने काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन कर न्याय की उम्मीद जताई थी।
🔹 राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
गौरतलब है कि धनंजय सिंह और अभय सिंह कभी करीबी माने जाते थे, लेकिन समय के साथ दोनों के संबंधों में खटास आ गई और मामला गंभीर आपराधिक विवाद में बदल गया। अब कोर्ट के इस फैसले के साथ यह लंबा कानूनी संघर्ष लगभग समाप्त हो गया है, हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।