लक्खीशाह बंजारा जी सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा के प्रतीक: राकेश मौर्य
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जौनपुर। समाजवादी पार्टी जौनपुर द्वारा महान योद्धा, समाज सुधारक एवं अदम्य साहसी व्यापारी बाबा लक्खीशाह बंजारा जी की जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने की।
इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बाबा लक्खीशाह बंजारा जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन, संघर्ष, सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा लक्खीशाह बंजारा जी ने अपने साहस, त्याग और समाजसेवा के बल पर इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उनका जीवन सामाजिक न्याय, भाईचारा, समानता और मानवता की सेवा के लिए सदैव प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और पिछड़े, वंचित एवं शोषित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत है।
जयंती कार्यक्रम के उपरांत समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, बूथ स्तर तक पार्टी को सशक्त करने, सदस्यता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और जनसमस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही आगामी संगठनात्मक रणनीति भी तय की गई।
राकेश मौर्य ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की नीतियों और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाएं और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएं।
बैठक में 1 जुलाई से 7 जुलाई तक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर पीडीए वृक्षारोपण कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान नव-मनोनित पदाधिकारियों—हरिश्चंद्र प्रभाकर (राष्ट्रीय सचिव, बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी), गुलजीत विश्वकर्मा एवं विजय प्रताप यादव (राष्ट्रीय सचिव, मजदूर सभा)—का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधान परिषद सदस्य राजेंद्र चौधरी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
कार्यक्रम को पूर्व विधायक राजनरायन बिंद, लालबहादुर यादव, मोहम्मद अरशद खान, श्रद्धा यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जिला महासचिव आरिफ हबीब ने किया।
अंत में विभिन्न पदाधिकारियों के परिजनों के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई और शोक संवेदना व्यक्त की गई।