चुनौतियों से न घबराएं, साहस और अनुशासन से करें सामना: ले. कर्नल पुष्पेंद्र सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान द्वारा सोमवार को आर्यभट्ट सभागार में ‘चुनौतियों से कैसे लड़ा जाए’ विषय पर प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कीर्ति चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह रहे।
अपने संबोधन में उन्होंने सैन्य जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि चुनौतियां जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं और सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे लक्ष्य पर केंद्रित रहकर निरंतर प्रयास करते रहें।
उन्होंने कहा, “वीर तुम बढ़े चलो, कठिनाइयों से मत डरो। दृढ़ संकल्प और सतत प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।” उन्होंने नेतृत्व क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो कठिन समय में स्वयं आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करे। युवाओं को अपने लक्ष्य के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति भी जिम्मेदार बनना चाहिए।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि ले. कर्नल पुष्पेंद्र सिंह का जीवन युवाओं के लिए साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करनी चाहिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना, दीप प्रज्वलन और कुलगीत से हुआ। निदेशक प्रो. विनोद कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर ले. कर्नल पुष्पेंद्र सिंह को विश्वविद्यालय की ओर से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया। इस मौके पर शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।