कांग्रेस ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए ₹81 लाख? महेश जेठमलानी ने पेश किया चुनावी खर्च का रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान भुगतान का दावा, वरिष्ठ वकील ने कहा—‘अभी तो शुरुआत है’; भुगतान के आधार पर संपादकीय प्रभाव का दावा अलग से साबित होना बाकी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा के राज्यसभा सांसद महेश जेठमलानी ने कांग्रेस और द इंडियन एक्सप्रेस के बीच कथित संबंधों को लेकर नया दावा किया है। जेठमलानी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से द इंडियन एक्सप्रेस को करीब 81 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
जेठमलानी ने इस भुगतान से जुड़े चुनावी खर्च के आंकड़ों को सार्वजनिक करते हुए इसे अपने आरोपों के समर्थन में पेश किया है। उन्होंने इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि अखबार की मौजूदा रिपोर्टिंग उसके संस्थापक रामनाथ गोयनका की पत्रकारिता संबंधी विरासत से अलग दिखाई देती है। ये आरोप जेठमलानी के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट से नहीं हुई है।
कर्नाटक चुनाव का भी किया जिक्र
जेठमलानी ने अपने पोस्ट में पश्चिम बंगाल के अलावा कर्नाटक चुनाव के दौरान भी कांग्रेस की ओर से मीडिया संस्थानों को किए गए भुगतान का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में आगे और जानकारी सामने आएगी।
रिपोर्टों के मुताबिक, संबंधित चुनावी खर्च के रिकॉर्ड में पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान द इंडियन एक्सप्रेस के लिए करीब ₹81.45 लाख की राशि का उल्लेख है। हालांकि, चुनावी विज्ञापन या मीडिया खर्च किया जाना अपने-आप में किसी समाचार संस्थान की संपादकीय नीति को प्रभावित करने या राजनीतिक दल के साथ किसी संपादकीय गठजोड़ का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके लिए अतिरिक्त साक्ष्य की आवश्यकता होगी।
चुनाव आयोग की रिपोर्टिंग को लेकर पहले से विवाद
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब इंडियन एक्सप्रेस की चुनाव आयोग से संबंधित रिपोर्टिंग को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। जेठमलानी ने इसी संदर्भ में अखबार की रिपोर्टिंग पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस से हुए कथित भुगतान को सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाया है।
मामले में फिलहाल दो अलग-अलग पहलुओं को अलग रखना जरूरी है—पहला, कांग्रेस द्वारा मीडिया संस्थान को किए गए चुनावी खर्च का दावा और दूसरा, इस भुगतान का अखबार की संपादकीय रिपोर्टिंग पर कथित प्रभाव। उपलब्ध जानकारी में पहला पहलू खर्च के रिकॉर्ड से जुड़ा है, जबकि दूसरे के संबंध में जेठमलानी ने आरोप लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
जेठमलानी ने अपने पोस्ट में संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे पर आगे और जानकारी सामने रखेंगे।