आधार कार्ड को लेकर नया निर्देश, जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं


नई दिल्ली, 28 अप्रैल। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार अब आधार कार्ड को जन्मतिथि (डेट ऑफ बर्थ) के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जाएगा।
UIDAI द्वारा जारी जानकारी में स्पष्ट किया गया है कि आधार का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है, न कि उसकी जन्मतिथि को प्रमाणित करना। भले ही आधार कार्ड में जन्मतिथि अंकित हो, लेकिन इसे आधिकारिक जन्मतिथि प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्राधिकरण के अनुसार, आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि उपयोगकर्ताओं द्वारा नामांकन या अपडेट के समय दी गई जानकारी के आधार पर होती है, जिसका स्वतंत्र सत्यापन नहीं किया जाता। आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में बायोमेट्रिक और अन्य विवरणों का मिलान केंद्रीय डेटाबेस से किया जाता है, जिससे केवल व्यक्ति की पहचान की पुष्टि होती है।
UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि अथेंटिफिकेशन यूजर एजेंसी (AUA) और केवाईसी यूजर एजेंसी (KUA) अपने स्तर पर यह तय कर सकती हैं कि वे जन्मतिथि या आयु से संबंधित जानकारी के लिए आधार का उपयोग करें या नहीं। वहीं, सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और अन्य सेवाओं में आधार के उपयोग का निर्णय संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों पर निर्भर करेगा।
हालांकि, UIDAI ने दोहराया है कि आधार कार्ड के सभी स्वरूप—जैसे भौतिक आधार, ई-आधार, मास्क्ड आधार, ऑफलाइन XML और QR कोड—निर्धारित शर्तों के तहत पहचान और पते के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे, लेकिन जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में नहीं।

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