KGMU में करोड़ों के दवा घोटाले पर बड़ी कार्रवाई, विभागाध्यक्ष हटाए गए


लखनऊ। King George’s Medical University (KGMU) में करोड़ों रुपये के कथित दवा घोटाले के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। आंतरिक जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अपुल गोयल को उनके पद से हटा दिया गया है।
मामले में तीन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि एक नियमित फार्मासिस्ट को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने संबंधित एजेंसी से घोटाले की राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
जांच के अनुसार, असाध्य योजना के तहत गरीब मरीजों के इलाज के नाम पर महंगी दवाओं की खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि कई मरीजों को कागजों पर बार-बार भर्ती दिखाकर कैंसर, प्रोटीन और आयरन जैसी महंगी दवाओं की खरीद की गई, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और निलंबित फार्मासिस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दे दी है। मामले के उजागर होने के बाद KGMU प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और आगे की जांच जारी है।
क्रांति फाउंडेशन दूत के लिए यह मामला प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा माना जा रहा है।

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