ग्राम प्रधान ही बनेंगे गांव के प्रशासक? यूपी सरकार के प्रस्ताव से बड़ा बदलाव संभव


Uttar Pradesh की ग्राम पंचायत व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पंचायती राज विभाग ने एक प्रस्ताव शासन को भेजा है, जिसमें निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही उनके गांव का प्रशासक बनाए जाने की सिफारिश की गई है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लेंगे।
वर्तमान व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने पर एडीओ पंचायत या अन्य अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाता है। लेकिन नए प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि प्रधानों को ही प्रशासक बनाया जाए तो गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी।
प्रस्ताव के अनुसार मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का मानना है कि प्रधान गांव की जरूरतों और समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं, जिससे जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बना रहेगा।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो प्रदेश की 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रधान संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार की आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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